देहरादून में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में डर और असुरक्षा

देहरादून में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में डर और असुरक्षा
देहरादून में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। पिछले कुछ समय में देहरादून में कई गंभीर अपराध हुए हैं, जिनमें गुंजन श्रीवास्तव की हत्या, प्रीति रावत को गोली मारना, और मनीषा तोमर की हत्या शामिल हैं। इसके अलावा, फायरिंग, पिस्तौल लहराने और खुलेआम गुंडागर्दी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।

सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखने की बजाय कुर्सी बचाने की लग रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपराध नियंत्रण के लिए हाई लेवल मीटिंग की है, लेकिन अभी तक अपराधियों पर लगाम नहीं लग पाई है।

देहरादून पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कई मामलों में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए हैं। एडीजी की फटकार के बाद पुलिस ने एक ही दिन में अपहरण के 09 मुकदमे दर्ज किए हैं।

विपक्ष भी सरकार को अपराध को लेकर घेर रहा है, और सरकार से अपराध की समीक्षा करने की मांग कर रहा है। आम नागरिकों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है, और वे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।