उत्तराखंड का लोक पर्व इगास बग्वाल।

उत्तराखंड का लोक पर्व इगास बग्वाल।

उत्तराखंड के वासियों को इगास बग्वाल (बुढ़ी दीपावली)की हार्दिक शुभकामनाएं।

By:- SACHIN CHAUHAN

उत्तराखंड में संस्कृति और सभ्यता के रूप में बुढि दीपावली मनाई जाती है, जिसे इगास दीपावली कहते हैं। इस बार मुख्यमंत्री ने अपने आवास में बड़े धूमधाम से दीपावली को मनाया। उत्तराखंड का लोक पर्व इगास बग्वाल एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जो अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है मुख्यमंत्री ने पूरे उत्तराखंड वासियों को इगास मनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया और अपनी संस्कृति और सभ्यता से जुड़ने का संदेश प्रदान किया।

इगास दीपावली का महत्व:
1. इगास बग्वाल उत्तराखंड की पारंपरिक दिवाली है, जो फूलों से सजाई जाती है।
2. यह पर्व उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
3. इगास दीपावली में लोग एक दूसरे से जुड़ते हैं और अपनी संस्कृति को संजोते हैं।इगास बग्वाल दीपावली का इतिहास:

कहते हैं कि जब तिब्बत से जीतने के बाद माधव सिंह भंडारी वापस लौटे तो उनके जश्न में इस दिवाली को मनाया गया था। कुछ मान्यताएं यह भी हैं कि जब श्री रामचंद्र भगवान अयोध्या लौटे तो उसके 11 दिन बाद उत्तराखंड में लोगों को पता चला था और फिर राम भगवान के जश्न में उत्तराखंड वासियों ने इस दिवाली को मनाने का काम किया था।

Reporter:- Jawahar Chauhan

मुख्यमंत्री आवास दहरादून……………..